दुश्मनी लाख सही ख़त्म न कीजे रिश्ता
दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिए
enmity however strong, the contact never break
hearts and minds may be apart, the hands must ever shake
निदा फ़ाज़ली
घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूँ कर लें
किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए
the mosques too far so for a while
some weeping child, let us make smile
निदा फ़ाज़ली
अंगड़ाई भी वो लेने न पाए उठा के हाथ
देखा जो मुझ को छोड़ दिए मुस्कुरा के हाथ
she couldn't even stretch out with her arms upraised
seeing me she smiled and composed herself all fazed
निज़ाम रामपुरी
अंदाज़ अपना देखते हैं आईने में वो
और ये भी देखते हैं कोई देखता न हो
looking in the mirror she sees her savoir-faire
and also looks to see no one is peeping there
निज़ाम रामपुरी
ख़ुदा के डर से हम तुम को ख़ुदा तो कह नहीं सकते
मगर लुत्फ़-ए-ख़ुदा क़हर-ए-ख़ुदा शान-ए-ख़ुदा तुम हो
For fear of God, to you cannot, ascribe divinity
but joy divine, wrath divine, glory divine you be
नूह नारवी
अब भी बरसात की रातों में बदन टूटता है
जाग उठती हैं अजब ख़्वाहिशें अंगड़ाई की
Till even now in rainy climes, my limbs are aching, sore
The yen to stretch out languidly then comes to the fore
परवीन शाकिर
कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उस ने
बात तो सच है मगर बात है रुस्वाई की
How can I say that I have been deserted by my beau
Its true but this will cause me to be shamed for evermore
परवीन शाकिर