अपना घर आने से पहले
इतनी गलियाँ क्यूँ आती हैं
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| घर |
| 2 लाइन शायरी |
अरे ये दिल और इतना ख़ाली
कोई मुसीबत ही पाल रखिए
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
और बाज़ार से क्या ले जाऊँ
पहली बारिश का मज़ा ले जाऊँ
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| Barish |
| 2 लाइन शायरी |
बाज़ार के दामों की शिकायत है हर इक को
फिर भी सर-ए-बाज़ार बड़ी भीड़ लगी है
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
बहुत ख़ुश हुए आईना देख कर
यहाँ कोई सानी हमारा न था
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
बहुत नेक बंदे हैं अब भी तिरे
किसी पर तो या-रब वही भेज दे
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
बस के नीचे कोई नहीं आता फिर भी
बस में बैठ के बेहद घबराता हूँ मैं
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

