दरवाज़े पर पहरा देने
तन्हाई का भूत खड़ा है
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| Tanhai |
| 2 लाइन शायरी |
देखा न होगा तू ने मगर इंतिज़ार में
चलते हुए समय को ठहरते हुए भी देख
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| Intezar |
| 2 लाइन शायरी |
देखा तो सब के सर पे गुनाहों का बोझ था
ख़ुश थे तमाम नेकियाँ दरिया में डाल कर
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| Gunah |
| 2 लाइन शायरी |
ढूँडने में भी मज़ा आता है
कोई शय रख के भुला दी जाए
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
ढूँडता हूँ मैं ज़मीं अच्छी सी
ये बदन जिस में उतारा जाए
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| बदन |
| 2 लाइन शायरी |
धूप ने गुज़ारिश की
एक बूँद बारिश की
मोहम्मद अल्वी
दिल है प्यासा हुसैन के मानिंद
ये बदन कर्बला का मैदाँ है
मोहम्मद अल्वी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

