दिल में उमंग और इरादा कोई तो हो
बे-कैफ़ ज़िंदगी में तमाशा कोई तो हो
ख़लील मामून
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
फ़तह के जश्न में हैं सब सरशार
मैं तो अपनी ही मात में गुम हूँ
ख़लील मामून
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हर एक जगह भटकते फिरेंगे सारी उम्र
बिल-आख़िर अपने ही घर जाएँगे किसी दिन हम
ख़लील मामून
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हर एक काम है धोका हर एक काम है खेल
कि ज़िंदगी में तमाशा बहुत ज़रूरी है
ख़लील मामून
टैग:
| जिंदगी |
| 2 लाइन शायरी |
हज़ारों चाँद सितारे चमक गए होते
कभी नज़र जो तिरी माइल-ए-करम होती
ख़लील मामून
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
जंगलों में कहीं खो जाना है
जानवर फिर मुझे हो जाना है
ख़लील मामून
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
जवाब ढूँड के सारे जहाँ से जब लौटे
हमें तो कर गया यक-लख़्त ला-जवाब कोई
ख़लील मामून
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

