अब के ताबीर मसअला न रहे
ये जो दुनिया है इस को ख़्वाब करो
बकुल देव
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
और कुछ देर ग़म नज़र में रख
क्या ख़बर मिल ही जाए थाह कहीं
बकुल देव
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
बअ'द मुद्दत ये जिला किस के हुनर ने बख़्शी
बअ'द मुद्दत मिरे आईने में चेहरे आए
बकुल देव
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
एक नश्शा है ख़ुद-नुमाई भी
जो ये उतरे तो फिर तुझे देखूँ
बकुल देव
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हम जो टूटे हैं बता हार भला किस की हुई
ज़िंदगी तेरी उठाई हुई सौगंद थे हम
बकुल देव
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हमें इस तरह ही होना था आबाद
हमारे साथ वीराने लगे हैं
बकुल देव
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हवस शामिल है थोड़ी सी दुआ में
अभी इस लौ में हल्का सा धुआँ है
बकुल देव
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

