दिल कलेजे दिमाग़ सीना ओ चश्म
इन के रहने के हैं मकान बहुत
सख़ी लख़नवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
एक दो तीन चार पाँच छे सात
यूँही गिन लेंगे कम के क्या मअनी
सख़ी लख़नवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हैफ़ साबित है जेब ने दामन
और जुनून में बहार आई है
सख़ी लख़नवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
हैफ़ साबित है जेब ने दामन
और जुनून में बहार आई है
सख़ी लख़नवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
हम उन से आज का शिकवा करेंगे
उखाड़ेंगे वो बरसों की गड़ी बात
सख़ी लख़नवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हमा-तन हो गए हैं आईना
ख़ुद-नुमाई सी ख़ुद-नुमाई है
सख़ी लख़नवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हिचकियाँ आती हैं पर लेते नहीं वो मेरा नाम
देखना उन की फ़रामोशी को मेरी याद को
सख़ी लख़नवी

