रात दिन तू रहे रक़ीबाँ-संग
देखना तेरा मुझ मुहाल हुआ
सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
तुझ को है हम से जुदाई आरज़ू
मेरे दिल में शौक़ है दीदार का
सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
तुझ को है हम से जुदाई आरज़ू
मेरे दिल में शौक़ है दीदार का
सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
उश्शाक़ जाँ-ब-कफ़ खड़े हैं तेरे आस-पास
ऐ दिल-रुबा-ए-ग़ारत-ए-जाँ अपने फ़न में आ
सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
वही क़द्र 'फ़ाएज़' की जाने बहुत
जिसे इश्क़ का ज़ख़्म कारी लगे
सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
ख़फ़ा रहने लगे हो मुझ से अक्सर
जुदा हो जाओगे अब के बरस क्या
सईद आसिम
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हम भी उसी के साथ गए होश से 'सईद'
लम्हा जो क़ैद-ए-वक़्त से बाहर चला गया
सईद अहमद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |

