गर्मी सी ये गर्मी है
माँग रहे हैं लोग पनाह
उबैद सिद्दीक़ी
टैग:
| Garmi |
| 2 लाइन शायरी |
मैं बस ये कह रहा हूँ रस्म-ए-वफ़ा जहाँ में
बिल्कुल नहीं मिटी है कमयाब हो गई है
उबैद सिद्दीक़ी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
मैं पहले बे-बाक हुआ था जोश-ए-मोहब्बत में
मेरी तरह फिर उस ने भी शरमाना छोड़ा था
उबैद सिद्दीक़ी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
उदासी आज भी वैसी है जैसे पहले थी
मकीं बदलते रहे हैं मकाँ नहीं बदला
उबैद सिद्दीक़ी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
आँख से दूर सही दिल से कहाँ जाएगा
जाने वाले तू हमें याद बहुत आएगा
उबैदुल्लाह अलीम
टैग:
| बिदाई |
| 2 लाइन शायरी |
आओ तुम ही करो मसीहाई
अब बहलती नहीं है तन्हाई
उबैदुल्लाह अलीम
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
अब तो मिल जाओ हमें तुम कि तुम्हारी ख़ातिर
इतनी दूर आ गए दुनिया से किनारा करते
उबैदुल्लाह अलीम
टैग:
| Iltija |
| 2 लाइन शायरी |

