मिल रही हो बड़े तपाक के साथ
मुझ को यकसर भुला चुकी हो क्या
जौन एलिया
मिरी शराब का शोहरा है अब ज़माने में
सो ये करम है तो किस का है अब भी आ जाओ
जौन एलिया
मुझ को आदत है रूठ जाने की
आप मुझ को मना लिया कीजे
जौन एलिया
मुझ को ख़्वाहिश ही ढूँडने की न थी
मुझ में खोया रहा ख़ुदा मेरा
जौन एलिया
मुझ को तो कोई टोकता भी नहीं
यही होता है ख़ानदान में क्या
जौन एलिया
तिरी क़ीमत घटाई जा रही है
मुझे फ़ुर्क़त सिखाई जा रही है
जौन एलिया
सब से पुर-अम्न वाक़िआ ये है
आदमी आदमी को भूल गया
जौन एलिया
शाम हुई है यार आए हैं यारों के हमराह चलें
आज वहाँ क़व्वाली होगी 'जौन' चलो दरगाह चलें
जौन एलिया
शायद वो दिन पहला दिन था पलकें बोझल होने का
मुझ को देखते ही जब उस की अंगड़ाई शर्माई है
जौन एलिया

