तुम्हारी याद में जीने की आरज़ू है अभी
कुछ अपना हाल सँभालूँ अगर इजाज़त हो
जौन एलिया
उस गली ने ये सुन के सब्र किया
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं
जौन एलिया
उस के होंटों पे रख के होंट अपने
बात ही हम तमाम कर रहे हैं
जौन एलिया
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उस ने गोया मुझी को याद रखा
मैं भी गोया उसी को भूल गया
जौन एलिया
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उस से हर-दम मोआ'मला है मगर
दरमियाँ कोई सिलसिला ही नहीं
जौन एलिया
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वफ़ा इख़्लास क़ुर्बानी मोहब्बत
अब इन लफ़्ज़ों का पीछा क्यूँ करें हम
जौन एलिया

