घर के बारे में यही जान सका हूँ अब तक
जब भी लौटो कोई दरवाज़ा खुला होता है
सग़ीर मलाल
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है एक उम्र से ख़्वाहिश कि दूर जा के कहीं
मैं ख़ुद को अजनबी लोगों के दरमियाँ देखूँ
सग़ीर मलाल
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मेरे बारे में जो सुना तू ने
मेरी बातों का एक हिस्सा है
सग़ीर मलाल
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मेरे बारे में जो सुना तू ने
मेरी बातों का एक हिस्सा है
सग़ीर मलाल
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रौशनी है किसी के होने से
वर्ना बुनियाद तो अंधेरा था
सग़ीर मलाल
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सब सवालों के जवाब एक से हो सकते हैं
हो तो सकते हैं मगर ऐसा कहाँ होता है
सग़ीर मलाल
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सब सवालों के जवाब एक से हो सकते हैं
हो तो सकते हैं मगर ऐसा कहाँ होता है
सग़ीर मलाल
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