अपने को तलाश कर रहा हूँ
अपनी ही तलब से डर रहा हूँ
रईस अमरोहवी
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चंद बेनाम-ओ-निशाँ क़ब्रों का
मैं अज़ा-दार हूँ या है मिरा दिल
रईस अमरोहवी
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दिल कई रोज़ से धड़कता है
है किसी हादसे की तय्यारी
रईस अमरोहवी
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दिल से मत सरसरी गुज़र कि 'रईस'
ये ज़मीं आसमाँ से आती है
रईस अमरोहवी
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हम अपने हाल-ए-परेशाँ पे बारहा रोए
और उस के ब'अद हँसी हम को बारहा आई
रईस अमरोहवी
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हम अपनी ज़िंदगी तो बसर कर चुके 'रईस'
ये किस की ज़ीस्त है जो बसर कर रहे हैं हम
रईस अमरोहवी
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ख़ामोश ज़िंदगी जो बसर कर रहे हैं हम
गहरे समुंदरों में सफ़र कर रहे हैं हम
रईस अमरोहवी
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