अब नहीं मिलेंगे हम कूचा-ए-तमन्ना में
कूचा-ए-तमन्ना में अब नहीं मिलेंगे हम
जौन एलिया
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अब तो हर बात याद रहती है
ग़ालिबन मैं किसी को भूल गया
जौन एलिया
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अब तो उस के बारे में तुम जो चाहो वो कह डालो
वो अंगड़ाई मेरे कमरे तक तो बड़ी रूहानी थी
जौन एलिया
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अब तुम कभी न आओगे यानी कभी कभी
रुख़्सत करो मुझे कोई वादा किए बग़ैर
जौन एलिया
ऐ शख़्स मैं तेरी जुस्तुजू से
बे-ज़ार नहीं हूँ थक गया हूँ
जौन एलिया
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ऐ सुब्ह मैं अब कहाँ रहा हूँ
ख़्वाबों ही में सर्फ़ हो चुका हूँ
जौन एलिया
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अपना रिश्ता ज़मीं से ही रक्खो
कुछ नहीं आसमान में रक्खा
जौन एलिया
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