तुम शराब पी कर भी होश-मंद रहते हो
जाने क्यूँ मुझे ऐसी मय-कशी नहीं आई
सलाम मछली शहरी
वो दिल से तंग आ के आज महफ़िल में हुस्न की तमकनत की ख़ातिर
नज़र बचाना भी चाहते हैं नज़र मिलाना भी चाहते हैं
सलाम मछली शहरी
वो दिल से तंग आ के आज महफ़िल में हुस्न की तमकनत की ख़ातिर
नज़र बचाना भी चाहते हैं नज़र मिलाना भी चाहते हैं
सलाम मछली शहरी
वो सिर्फ़ मैं हूँ जो सौ जन्नतें सजा कर भी
उदास उदास सा तन्हा दिखाई देने लगे
सलाम मछली शहरी
यूँ ही आँखों में आ गए आँसू
जाइए आप कोई बात नहीं
सलाम मछली शहरी
यूँ ही आँखों में आ गए आँसू
जाइए आप कोई बात नहीं
सलाम मछली शहरी
आए जो चंद तिनके क़फ़स में सबा के साथ
मैं ने उन्हीं को अपना नशेमन समझ लिया
सलाम संदेलवी

