हमें ख़बर है वो मेहमान एक रात का है
हमारे पास भी सामान एक रात का है
सैफ़ुद्दीन सैफ़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
हमें ख़बर है वो मेहमान एक रात का है
हमारे पास भी सामान एक रात का है
सैफ़ुद्दीन सैफ़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
हुस्न जल्वा दिखा गया अपना
इश्क़ बैठा रहा उदास कहीं
सैफ़ुद्दीन सैफ़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
जी नहीं आप से क्या मुझ को शिकायत होगी
हाँ मुझे तल्ख़ी-ए-हालात पे रोना आया
सैफ़ुद्दीन सैफ़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
जी नहीं आप से क्या मुझ को शिकायत होगी
हाँ मुझे तल्ख़ी-ए-हालात पे रोना आया
सैफ़ुद्दीन सैफ़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
जिस दिन से भुला दिया है तू ने
आता ही नहीं ख़याल अपना
सैफ़ुद्दीन सैफ़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
कभी जिगर पे कभी दिल पे चोट पड़ती है
तिरी नज़र के निशाने बदलते रहते हैं
सैफ़ुद्दीन सैफ़
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |

