कल तलक सहरा बसा था आँख में
अब मगर किस ने समुंदर रख दिया
साहिल अहमद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
किस तसव्वुर के तहत रब्त की मंज़िल में रहा
किस वसीले के तअस्सुर का निगहबान था मैं
साहिल अहमद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
क्यूँ चमक उठती है बिजली बार बार
ऐ सितमगर ले न अंगड़ाई बहुत
साहिल अहमद
टैग:
| Angdaai |
| 2 लाइन शायरी |
मकड़ियों ने जब कहीं जाला तना
मक्खियों ने शोर बरपा कर दिया
साहिल अहमद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
मकड़ियों ने जब कहीं जाला तना
मक्खियों ने शोर बरपा कर दिया
साहिल अहमद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |
रो पड़ीं आँखें बहुत 'साहिल' मिरी
जब किसी ने हाथ सर पर रख दिया
साहिल अहमद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
शेर गुफा से निकलेगा
शोर मचेगा जंगल में
साहिल अहमद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
| 2 लाइन शायरी |

