मेरी दुश्वारी है दुश्वारी मिरी
मेरी मुश्किल आप की मुश्किल नहीं
मुबारक अज़ीमाबादी
मिलो मिलो न मिलो इख़्तियार है तुम को
इस आरज़ू के सिवा और आरज़ू क्या है
मुबारक अज़ीमाबादी
मिरी ख़ाक भी उड़ेगी बा-अदब तिरी गली में
तिरे आस्ताँ से ऊँचा न मिरा ग़ुबार होगा
मुबारक अज़ीमाबादी
मोहब्बत में वफ़ा की हद जफ़ा की इंतिहा कैसी
'मुबारक' फिर न कहना ये सितम कोई सहे कब तक
मुबारक अज़ीमाबादी
मुझ को मालूम है अंजाम-ए-मोहब्बत क्या है
एक दिन मौत की उम्मीद पे जीना होगा
मुबारक अज़ीमाबादी
न मानोगे न मानोगे हमारी
उधर हो जाएगी दुनिया इधर की
मुबारक अज़ीमाबादी
निकलना आरज़ू का दिल से मालूम
हुजूम-ए-यास में रस्ता मिले क्या
मुबारक अज़ीमाबादी

