मर ही कर उट्ठेंगे तेरे दर से हम
आ के जब बैठे तो फिर उठ जाएँ क्या
इम्दाद इमाम असर
मुफ़्त बोसा हसीं नहीं देते
दिल जो देते हैं दाम लेते हैं
इम्दाद इमाम असर
मुश्किल का सामना हो तो हिम्मत न हारिए
हिम्मत है शर्त साहिब-ए-हिम्मत से क्या न हो
इम्दाद इमाम असर
पा रहा है दिल मुसीबत के मज़े
आए लब पर शिकवा-ए-बेदाद क्या
इम्दाद इमाम असर
साथ दुनिया का नहीं तालिब-ए-दुनिया देते
अपने कुत्तों को ये मुर्दार लिए फिरती है
इम्दाद इमाम असर
साथ दुनिया का नहीं तालिब-ए-दुनिया देते
अपने कुत्तों को ये मुर्दार लिए फिरती है
इम्दाद इमाम असर
तड़प तड़प के तमन्ना में करवटें बदलीं
न पाया दिल ने हमारे क़रार सारी रात
इम्दाद इमाम असर

