किस के चेहरे से उठ गया पर्दा
झिलमिलाए चराग़ महफ़िल के
हसन बरेलवी
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क्या कहूँ क्या है मेरे दिल की ख़ुशी
तुम चले जाओगे ख़फ़ा हो कर
हसन बरेलवी
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ओ वस्ल में मुँह छुपाने वाले
ये भी कोई वक़्त है हया का
हसन बरेलवी
पूछते जाते हैं ये हम सब से
मजलिस-ए-वाज़ में शराब भी है
हसन बरेलवी
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शीशा उठा कर ताक़ से हम ने
ताक़ पे रख दी साक़ी तौबा
हसन बरेलवी
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उल्फ़त हो किसी की न मोहब्बत हो किसी की
पहलू में न दिल हो न ये हालत हो किसी की
हसन बरेलवी
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अभी वो ख़ुद को ही देखे जाता है आइने में
अभी किसी से उसे मोहब्बत नहीं हुई है
हसन जमील
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