साँस लेने से भी भरता नहीं सीने का ख़ला
जाने क्या शय है जो बे-दख़्ल हुई है मुझ में
सलीम कौसर
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'सलीम' अब तक किसी को बद-दुआ दी तो नहीं लेकिन
हमेशा ख़ुश रहे जिस ने हमारा दिल दुखाया है
सलीम कौसर
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तमाम उम्र सितारे तलाश करता फिरा
पलट के देखा तो महताब मेरे सामने था
सलीम कौसर
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तमाम उम्र सितारे तलाश करता फिरा
पलट के देखा तो महताब मेरे सामने था
सलीम कौसर
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तुम ने सच बोलने की जुरअत की
ये भी तौहीन है अदालत की
सलीम कौसर
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तुम ने सच बोलने की जुरअत की
ये भी तौहीन है अदालत की
सलीम कौसर
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तुम तो कहते थे कि सब क़ैदी रिहाई पा गए
फिर पस-ए-दीवार-ए-ज़िंदाँ रात-भर रोता है कौन
सलीम कौसर
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