ये चोटी किस लिए पीछे पड़ी है
तुम्हारी ज़ुल्फ़ दिल ख़ुद माँग लेगी
नसीम भरतपूरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
आँखों में है लिहाज़ तबस्सुम-फ़िज़ा हैं लब
शुक्र-ए-ख़ुदा के आज तो कुछ राह पर हैं आप
नसीम देहलवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
नाम मेरा सुनते ही शर्मा गए
तुम ने तो ख़ुद आप को रुस्वा किया
नसीम देहलवी
टैग:
| शर्म |
| 2 लाइन शायरी |
तिरा जमाल बना मैं कभी, कभी एहसाँ
ग़रज़ ये थी कि मुझे बरगुज़ीदा होना था
नसीम देहलवी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
अपने चेहरे को बदलना तो बहुत मुश्किल है
दिल बहल जाएगा आईना बदल कर देखो
नसीम निकहत
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते
हम लोग दिखावे की मोहब्बत नहीं करते
नसीम निकहत
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
माना कि मैं हज़ार फ़सीलों में क़ैद हूँ
लेकिन कभी ख़ुलूस से मुझ को बुला के देख
नसीम निकहत
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

