मैं तो इस डर से कुछ नहीं कहता
तू मबादा उदास हो जावे
मीर हसन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
मर गया होता न होती क़हर में शामिल जो मेहर
सेहहत-ए-दिल इस दवा-ए-मो'तदिल ने की ग़रज़
मीर हसन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
मत बख़्त-ए-ख़ुफ़्ता पर मिरे हँस ऐ रक़ीब तू
होगा तिरे नसीब भी ये ख़्वाब देखना
मीर हसन
टैग:
| रकीब |
| 2 लाइन शायरी |
मत पोंछ अबरू-ए-अरक़-आलूद हाथ से
लाज़िम है एहतियात कि है आब-दार तेग़
मीर हसन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
में हश्र को क्या रोऊँ कि उठ जाने से तेरे
बरपा हुई इक मुझ पे क़यामत तो यहीं और
मीर हसन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
मिरे आईना-ए-दिल का उसे मंज़ूर था लेना
जो ग़ैरों में कहा भोंडा बुरा बद-रंग नाकारा
मीर हसन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
मिज़्गाँ से उस के क्यूँकर दिल छुट सके हमारा
घेरे हुए हैं इस को वे ख़ार सब तरफ़ से
मीर हसन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

