EN اردو
2 लाइन शायरी शायरी | शाही शायरी

2 लाइन शायरी

22761 शेर

यूँ जो तकता है आसमान को तू
कोई रहता है आसमान में क्या

जौन एलिया




ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को
अपने अंदाज़ से गँवाने का

जौन एलिया




ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

जौन एलिया




ज़िंदगी क्या है इक कहानी है
ये कहानी नहीं सुनानी है

जौन एलिया




अजीब सानेहा गुज़रा है इन घरों पे कोई
कि चौंकता ही नहीं अब तो दस्तकों पे कोई

जावेद अनवर




बे-तुकी रौशनी में पराए अंधेरे लिए
एक मंज़र है तेरे लिए एक मेरे लिए

जावेद अनवर




हर एक हद से परे अपना बोरिया ले जा
बदी का नाम न ले और नेकियों से निकल

जावेद अनवर