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2 लाइन शायरी शायरी | शाही शायरी

2 लाइन शायरी

22761 शेर

कोई मुझ तक पहुँच नहीं पाता
इतना आसान है पता मेरा

जौन एलिया




क्या है जो बदल गई है दुनिया
मैं भी तो बहुत बदल गया हूँ

जौन एलिया




क्या हुए सूरत-निगाराँ ख़्वाब के
ख़्वाब के सूरत-निगाराँ क्या हुए

जौन एलिया




क्या कहा इश्क़ जावेदानी है!
आख़िरी बार मिल रही हो क्या

जौन एलिया




क्या पूछते हो नाम-ओ-निशान-ए-मुसाफ़िराँ
हिन्दोस्ताँ में आए हैं हिन्दोस्तान के थे

जौन एलिया




क्या सितम है कि अब तिरी सूरत
ग़ौर करने पे याद आती है

जौन एलिया




क्या तकल्लुफ़ करें ये कहने में
जो भी ख़ुश है हम उस से जलते हैं

जौन एलिया