तेरे दिए हुए दुख
तेरे नाम करेंगे
बासिर सुल्तान काज़मी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
तू जब सामने होता है
और कहीं होता हूँ मैं
बासिर सुल्तान काज़मी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
दिलबरों के शहर में बेगानगी अंधेर है
आश्नाई ढूँडता फिरता हूँ मैं ले कर दिया
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हम सरगुज़िश्त क्या कहें अपनी कि मिस्ल-ए-ख़ार
पामाल हो गए तिरे दामन से छूट कर
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
लहू टपका किसी की आरज़ू से
हमारी आरज़ू टपकी लहू से
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान
टैग:
| आरजू |
| 2 लाइन शायरी |
सीरत के हम ग़ुलाम हैं सूरत हुई तो क्या
सुर्ख़ ओ सफ़ेद मिट्टी की मूरत हुई तो क्या
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
अदाएँ ता-अबद बिखरी पड़ी हैं
अज़ल में फट पड़ा जोबन किसी का
बयान मेरठी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

