जिस मुसल्ले पे छिड़किए न शराब
अपने आईन में वो पाक नहीं
क़ाएम चाँदपुरी
टैग:
| शराब |
| 2 लाइन शायरी |
जूँ शीशा भरा हूँ मय से लेकिन
मस्ती से मैं अपनी बे-ख़बर हूँ
क़ाएम चाँदपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
कहता है आइना कि है तुझ सा ही एक और
बावर नहीं तो ला मैं तिरे रू-ब-रू करूँ
क़ाएम चाँदपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
कर न जुरअत तू ऐ तबीब कि ये
दिल का धड़का है इख़्तिलाज नहीं
क़ाएम चाँदपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
ख़स नमत साथ मौज के लग ले
बहते बहते कहीं तो जाइएगा
क़ाएम चाँदपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
की वफ़ा किस से भला फ़ाहिशा-ए-दुनिया ने
है तुझे शौक़ जो इस क़हबा की दामादी का
क़ाएम चाँदपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
कोई दिन आगे भी ज़ाहिद अजब ज़माना था
हर इक मोहल्ले की मस्जिद शराब-ख़ाना था
क़ाएम चाँदपुरी
टैग:
| Maikada |
| 2 लाइन शायरी |

