बाल-ओ-पर भी गए बहार के साथ
अब तवक़्क़ो नहीं रिहाई की
मीर तक़ी मीर
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बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो
ऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो
मीर तक़ी मीर
बारे दुनिया से रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो
ऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो
मीर तक़ी मीर
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बहुत कुछ कहा है करो 'मीर' बस
कि अल्लाह बस और बाक़ी हवस
मीर तक़ी मीर
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बज़्म-ए-इशरत में मलामत हम निगूँ बख़्तों के तईं
जूँ हुबाब-ए-बादा साग़र सर-निगूँ हो जाएगा
मीर तक़ी मीर
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बे-ख़ुदी ले गई कहाँ हम को
देर से इंतिज़ार है अपना
मीर तक़ी मीर
बुलबुल ग़ज़ल-सराई आगे हमारे मत कर
सब हम से सीखते हैं अंदाज़ गुफ़्तुगू का
मीर तक़ी मीर
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