नज्द में क्या क़ैस का है उर्स आज
नंगे नंगे जम्अ' हैं हम्माम में
रियाज़ ख़ैराबादी
निगह-ए-नाज़ इधर है निगह-ए-शौक़ उधर
हम तो बिजली को हैं बिजली से लड़ाने वाले
रियाज़ ख़ैराबादी
निगह-ए-नाज़ इधर है निगह-ए-शौक़ उधर
हम तो बिजली को हैं बिजली से लड़ाने वाले
रियाज़ ख़ैराबादी
पाऊँ तो उन हसीनों के मुँह चूम लूँ 'रियाज़'
आज उन की गालियों ने बड़ा ही मज़ा दिया
रियाज़ ख़ैराबादी
पी के ऐ वाइज़ नदामत है मुझे
पानी पानी हूँ तिरी तक़रीर से
रियाज़ ख़ैराबादी
पी के ऐ वाइज़ नदामत है मुझे
पानी पानी हूँ तिरी तक़रीर से
रियाज़ ख़ैराबादी
पीरी में 'रियाज़' अब भी जवानी के मज़े हैं
ये रीश-ए-सफ़ेद और मय-ए-होश-रुबा सुर्ख़
रियाज़ ख़ैराबादी

