चौखटा दिल का यहाँ है हू-ब-हू तुझ सा कोई
होंट भी आँखें भी छब ढब भी तुझी सा फ़ेस भी
नासिर शहज़ाद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
दरिया पे टीकरी से परे ख़ानक़ाह थी
तब तेरे मेरे प्यार की दुनिया गवाह थी
नासिर शहज़ाद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
देखा क़द-ए-गुनाह पे जब इस को मुल्तफ़ित
बढ़ कर हद-ए-निगाह लगी उस को ढाँपने
नासिर शहज़ाद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
देना मिरा संदेश सखी फिर
पहले छूना उस के पाँव
नासिर शहज़ाद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
एक काटा राम ने सीता के साथ
दूसरा बन बॉस मेरे नाम पर
नासिर शहज़ाद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हम वो लोग हैं जो चाहत में
जी न सकें तो मर रहते हैं
नासिर शहज़ाद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
हिजरतों में हूजुरियों के जतन
पाँव को दूरियों ने घेरा है
नासिर शहज़ाद
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

