ख़ुदा जाने किस किस की ये जान लेगी
वो क़ातिल अदा वो क़ज़ा महकी महकी
हसरत जयपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
किस वास्ते लिक्खा है हथेली पे मिरा नाम
मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यूँ नहीं देते
हसरत जयपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
ये किस ने कहा है मिरी तक़दीर बना दे
आ अपने ही हाथों से मिटाने के लिए आ
हसरत जयपुरी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
आईने में वो देख रहे थे बहार-ए-हुस्न
आया मिरा ख़याल तो शर्मा के रह गए
हसरत मोहानी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
आप को आता रहा मेरे सताने का ख़याल
सुल्ह से अच्छी रही मुझ को लड़ाई आप की
हसरत मोहानी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
आरज़ू तेरी बरक़रार रहे
दिल का क्या है रहा रहा न रहा
हसरत मोहानी
ऐ याद-ए-यार देख कि बा-वस्फ़-ए-रंज-ए-हिज्र
मसरूर हैं तिरी ख़लिश-ए-ना-तवाँ से हम
हसरत मोहानी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

