सितारा है कोई गुल है कि दिल है
तिरी ठोकर में पत्थर मुख़्तलिफ़ है
हमीदा शाहीन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
तिरे गीतों का मतलब और है कुछ
हमारा धुन सरासर मुख़्तलिफ़ है
हमीदा शाहीन
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
आँख बीनाई गँवा बैठी तो
तेरी तस्वीर से मंज़र निकला
हम्माद नियाज़ी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
आख़िरी बार मैं कब उस से मिला याद नहीं
बस यही याद है इक शाम बहुत भारी थी
हम्माद नियाज़ी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
बस एक लम्हा तिरे वस्ल का मयस्सर हो
और उस विसाल के लम्हे को दाइमी किया जाए
हम्माद नियाज़ी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
भरवा देना मिरे कासे को
मिरे कासे को भरवा देना
हम्माद नियाज़ी
टैग:
| अव्यवस्थित शब्द |
| 2 लाइन शायरी |
दिखाई देने लगी थी ख़ुशबू
मैं फूल आँखों पे मल रहा था
हम्माद नियाज़ी
टैग:
| 2 लाइन शायरी |

