चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी
बशीर बद्र
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
दादा बड़े भोले थे सब से यही कहते थे
कुछ ज़हर भी होता है अंग्रेज़ी दवाओं में
बशीर बद्र
टैग:
| 2 लाइन शायरी |
दिल की बस्ती पुरानी दिल्ली है
जो भी गुज़रा है उस ने लूटा है
बशीर बद्र
दिल उजड़ी हुई एक सराए की तरह है
अब लोग यहाँ रात जगाने नहीं आते
बशीर बद्र
टैग:
| दिल |
| 2 लाइन शायरी |
दिन में परियों की कोई कहानी न सुन
जंगलों में मुसाफ़िर भटक जाएँगे
बशीर बद्र
टैग:
| मुसाफिर |
| 2 लाइन शायरी |
दुआ करो कि ये पौदा सदा हरा ही लगे
उदासियों में भी चेहरा खिला खिला ही लगे
बशीर बद्र
टैग:
| दुआ |
| 2 लाइन शायरी |
दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम
तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे
बशीर बद्र

