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ज़ोफ़ आता है दिल को थाम तो लो | शाही शायरी
zoaf aata hai dil ko tham to lo

ग़ज़ल

ज़ोफ़ आता है दिल को थाम तो लो

इंशा अल्लाह ख़ान

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ज़ोफ़ आता है दिल को थाम तो लो
बोलियो मत भला सलाम तो लो

कौन कहता है बोलो मत बोलो
हाथ से मेरे एक जाम तो लो

हम-सफ़ीरो छुटोगे मत तड़पो
दम अभी आ के ज़ेर-ए-दाम तो लो

इन्हीं बातों पे लोटता हूँ मैं
गाली फिर दे के मेरा नाम तो लो

इक निगह पर बिके है 'इंशा' आज
मुफ़्त में मोल इक ग़ुलाम तो लो