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ये शबनम फूल तारे चाँदनी में अक्स किस का है | शाही शायरी
ye shabnam phul tare chandni mein aks kis ka hai

ग़ज़ल

ये शबनम फूल तारे चाँदनी में अक्स किस का है

सय्यद शकील दस्नवी

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ये शबनम फूल तारे चाँदनी में अक्स किस का है
सुनहरी धूप छाँव रौशनी में अक्स किस का है

ये ढलती शाम ये क़ौस-ए-क़ुज़ह की रंग-आमेज़ी
ये नीले आसमाँ की दिलकशी में अक्स किस का है

सुहानी शब लिए आग़ोश में ख़्वाबों की परियों को
चमकते दिन की इस अफ़्सूँ-गरी में अक्स किस का है

अना की सर-कशी उम्मीद-ए-अरमाँ ख़्वाब की दुनिया
धड़कते दिल फुसून-ए-ज़िंदगी में अक्स किस का है

ये 'सय्यद' ख़्वाब से तर्शे हुए नाज़ुक हसीं पैकर
नुक़ूश-ए-रश्क-ए-सेहर-ए-सामरी में अक्स किस का है