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यहाँ क्या है वहाँ क्या है इधर क्या है उधर क्या है | शाही शायरी
yahan kya hai wahan kya hai idhar kya hai udhar kya hai

ग़ज़ल

यहाँ क्या है वहाँ क्या है इधर क्या है उधर क्या है

मुबारक अज़ीमाबादी

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यहाँ क्या है वहाँ क्या है इधर क्या है उधर क्या है
कोई समझे तो क्या समझे वो नैरंग-ए-नज़र क्या है

न हो जिस सर में सौदा सरफ़रोशी का वो सर क्या है
न फूंके ख़िर्मन-ए-हस्ती तो वो सोज़-ए-जिगर क्या है

तिरे अंदाज़ के बिस्मिल हैं हम हम से कोई पूछे
तिरी बाँकी अदा क्या है तिरी तिरछी नज़र क्या है

जहाँ सामान वहशत के उसे वहशत-सरा कहिए
जहाँ अस्बाब-ए-वीरानी वो वीराना है घर क्या है

गए वो और ये कहते गए ओ जज़्ब-ए-दिल वाले
मुझे भी देखना है जज़्बा-ए-दिल का असर क्या है