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तमाशे चुटकुले ताली में मत रख | शाही शायरी
tamashe chuTkule tali mein mat rakh

ग़ज़ल

तमाशे चुटकुले ताली में मत रख

प्रताप सोमवंशी

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तमाशे चुटकुले ताली में मत रख
अदब को ऐसी बद-हाली में मत रख

कि ज़हर हो जाएँगे पकवान सारे
उन्हें एहसास की थाली में मत रख

ख़यालों का परिंदा कह रहा है
मुझे आकाश दे जाली में मत रख

उदासी ख़ून में घुल जाएगी फिर
उसे तू चाय की प्याली में मत रख

बढ़क-पन पेड़ सिखलाते हैं हम को
पके फल को कभी डाली में मत रख

कमाने में बहुत कुछ खो गया है
किसी को ऐसी कँगाली में मत रख