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पहले शर्मा के मार डाला | शाही शायरी
pahle sharma ke mar Dala

ग़ज़ल

पहले शर्मा के मार डाला

बेदम शाह वारसी

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पहले शर्मा के मार डाला
फिर सामने आ के मार डाला

साक़ी न पिलाई तूने आख़िर
तरसा तरसा के मार डाला

ईसा थे तो मरने ही न देते
तुम ने तो जिला के मार डाला

बीमार-ए-अलम को तू ने नासेह
समझा समझा के मार डाला

ख़ंजर कैसा फ़क़त अदा से
तड़पा तड़पा के मार डाला

याद-ए-गेसू ने हिज्र की शब
उलझा उलझा के मार डाला

फ़ुर्क़त में तिरे ग़म-ओ-अलम ने
तन्हा मुझे पा के मार डाला

ख़ंजर न मिला तो उस ने 'बेदम'
आँखें दिखला के मार डाला