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दिल मिरा आज यार में है गा | शाही शायरी
dil mera aaj yar mein hai ga

ग़ज़ल

दिल मिरा आज यार में है गा

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

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दिल मिरा आज यार में है गा
किस ख़िज़ाँ में बहार में है गा

गालियाँ मुझ को दे है देने दो
कुछ न बोलो ख़ुमार में है गा

सुन के कहने लगा तू जाने है
कि नशे के उतार में है गा

गालियाँ मैं तो सब को देता हूँ
एक तो किस शुमार में है गा

'हातिम' ऐसी कहाँ है लज़्ज़त-ए-वस्ल
जो मज़ा इंतिज़ार में है गा