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मुशीर झंझान्वी शायरी | शाही शायरी

मुशीर झंझान्वी शेर

2 शेर

मसर्रतों ने तो चाहा था दिल में आ जाएँ
हुजूम-ए-ग़म ने मगर उन को रास्ता न दिया

happiness did indeed in my heart seek place
but the crowd of sorrows did not move to give them space

मुशीर झंझान्वी




वो सुन सकें कोई उनवाँ इसी लिए हम ने
बदल बदल के उन्हें दास्ताँ सुनाई है

मुशीर झंझान्वी