उम्र-ए-रफ़्ता की कहानी क्या है
एक तोहमत है जवानी क्या है
मेरे अश्कों की रवानी देखी
तेरे ख़ंजर की रवानी क्या है
तेरे महबूब तबस्सुम का जवाब
मेरी आशुफ़्ता-बयानी क्या है
रात रोते हुए गुज़रेगी ज़रूर
वर्ना ये दिल पे गिरानी क्या है
दुश्मन-ए-ज़ीस्त पे जाँ देता हूँ
और जीने की निशानी क्या है
हाथ में तेग़ है बल चितवन पर
आज ये आप ने ठानी क्या है
अहद-ए-पीरी में रुलाती है लहू
हाए कम्बख़्त जवानी क्या है
एक मौहूम सा तूफ़ान-ए-ख़ुदी
कुछ नहीं जोश-ए-जवानी क्या है
ग़ज़ल
उम्र-ए-रफ़्ता की कहानी क्या है
एहसान दानिश

