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रास्ता ये बता रहा है मुझे | शाही शायरी
rasta ye bata raha hai mujhe

ग़ज़ल

रास्ता ये बता रहा है मुझे

अब्दुर्रहमान मोमिन

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रास्ता ये बता रहा है मुझे
वे बहुत ढूँढता रहा है मुझे

पास रह कर न पास आया तो
दूर से क्या बुला रहा है मुझे

झाँक कर देख अपनी आँखों में
छुप के तू देखता रहा है मुझे

भूल बैठा हूँ उस की सब बातें
वे मगर याद आ रहा है मुझे

क्या बताऊँ छुपा है मुझ में कौन
कौन मुझ में छुपा रहा है मुझे

मैं ने चाहा सुनाऊँ कुछ दिल को
दिल भी अपनी सुना रहा है मुझे

मैं जहाँ भी गया तुझे पाया
तू भी क्या यूँ ही पा रहा है मुझे

कुछ नज़र में नहीं रहा 'मोमिन'
हिज्र क्या क्या दिखा रहा है मुझे