EN اردو
नूर-ए-हक़ बे-हिजाब इश्क़-अल्लाह | शाही शायरी
nur-e-haq be-hijab ishq-allah

ग़ज़ल

नूर-ए-हक़ बे-हिजाब इश्क़-अल्लाह

अलीमुल्लाह

;

नूर-ए-हक़ बे-हिजाब इश्क़-अल्लाह
याद-ए-दिलबर शराब इश्क़-अल्लाह

मी मोहब्बत के आसमाँ पे ज़ुहूर
परतव-ए-आफ़्ताब इश्क़-अल्लाह

जब दिखाता है रब जमाल अपना
देख ले बे-नक़ाब इश्क़-अल्लाह

इश्क़ में दिल-रुबा के ऐ ज़ाहिद
सर-निगूँ शैख़-ओ-शाब इश्क़-अल्लाह

बज़्म-ए-लाहूत में सुन ऐ दरवेश
है सदा-ए-रुबाब इश्क़-अल्लाह

जो सुना है सदा-ए-सर-निगूँ
वो चे पाया शिताब इश्क़-अल्लाह

इश्क़ का जोश दिल के दरिया में
बोलता हर हबाब इश्क़-अल्लाह

फ़ैज़ मुर्शिद सूँ मुस्तफ़ीज़ हुआ
दिल सूँ पाया जनाब इश्क़-अल्लाह

बोल इस का जवाब अलीमुल्लाह
जो कहा है तुराब इश्क़-अल्लाह