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नज़र नज़र हैरानी दे | शाही शायरी
nazar nazar hairani de

ग़ज़ल

नज़र नज़र हैरानी दे

अमीर क़ज़लबाश

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नज़र नज़र हैरानी दे
मुझ को मेरा सानी दे

जुगनू फूल सितारा चाँद
अपनी कोई निशानी दे

इंसानों को दाना कर
थोड़ी सी नादानी दे

हर चेहरा बे-रंगत है
शक्ल कोई नूरानी दे

तेरे बच्चे प्यासे हैं
इन पौदों को पानी दे

रावण रात जगाता है
कोई राम-कहानी दे

मुझ को मुझ से दूर न रख
मिलने की आसानी दे

साहिल साहिल तिश्ना-लबी
दरिया को तुग़्यानी दे