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मुस्कुराने से मुद्दआ' क्या है | शाही शायरी
muskurane se muddaa kya hai

ग़ज़ल

मुस्कुराने से मुद्दआ' क्या है

सय्यद हामिद

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मुस्कुराने से मुद्दआ' क्या है
कह रहे हैं तुम्हें हुआ क्या है

पैरहन अद्ल का पहन आई
कौन मज़लूम है जफ़ा क्या है

शिकवे के नाम से ही बरहम हैं
ये नहीं पूछते गिला क्या है

डाल दी जिस के हौसले ने सिपर
वो तुनक-आरज़ू जिया क्या है

ख़िदमत-ए-बंदगान-ए-हक़ के सिवा
इस ख़राबे में कीमिया क्या है

सादगी में हज़ार पुरकारी
बाँकपन में छुपा हुआ क्या है

इज़्ज़त-ए-नफ़्स रख सको महफ़ूज़
और इस के सिवा दुआ क्या है

साफ़ दो-पाट आसमान-ओ-ज़मीं
दाना ग़ाफ़िल है आसिया क्या है