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मुझे किसी ने बताया ख़ुदा है मेरे साथ | शाही शायरी
mujhe kisi ne bataya KHuda hai mere sath

ग़ज़ल

मुझे किसी ने बताया ख़ुदा है मेरे साथ

अब्दुर्रहमान मोमिन

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मुझे किसी ने बताया ख़ुदा है मेरे साथ
मैं क्या बताऊँ उसे और क्या है मेरे साथ

तुझे यक़ीं नहीं आएगा पर हक़ीक़त है
ये तू नहीं है कोई दूसरा है मेरे साथ

ये मुश्किलात भी अब मेरे साथ रहती हैं
ये जानती हैं कि मुश्किल-कुशा है मेरे साथ

मैं क्या बताऊँ तुझे याद क्या दिलाऊँ तुझे
तू जानता है जो तू ने किया है मेरे साथ

अगर वफ़ा को बताऊँ वफ़ा भी चीख़ पड़े
वफ़ा के नाम पे जो कुछ हुआ है मेरे साथ

सितम तो ये है कि मैं ने उसे भी छोड़ दिया
जो सब को छोड़ के तन्हा खड़ा है मेरे साथ

किसी से कोई शिकायत नहीं मुझे 'मोमिन'
जो होना चाहिए वो हो रहा है मेरे साथ