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किस ने दिया है किस का सात | शाही शायरी
kis ne diya hai kis ka sat

ग़ज़ल

किस ने दिया है किस का सात

मुसहफ़ इक़बाल तौसिफ़ी

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किस ने दिया है किस का सात
जाने भी दो छोड़ो हात

मैं ने दिन में भी देखी
दीवारों पर चस्पाँ रात

भीग गया मैं डूब गया
इक आँसू ऐसी बरसात

देखो उस से मत करना
कोई ऐसी-वैसी बात

अब क्यूँ उस का नाम लिया
लो अब जागो सारी रात

दुनिया से झगड़ा क्या था
दुनिया से भी खाई मात

कमरा है अंदर से बंद
कमरे में लेटी है रात