EN اردو
कह रहे थे लोग सहरा जल गया | शाही शायरी
kah rahe the log sahra jal gaya

ग़ज़ल

कह रहे थे लोग सहरा जल गया

रईस फ़रोग़

;

कह रहे थे लोग सहरा जल गया
फिर ख़बर आई कि दरिया जल गया

देख लो मैं भी हूँ मेरा जिस्म भी
बस हुआ ये है कि चेहरा जल गया

मेरे अंदाज़े की निस्बत वो चराग़
कम जला था फिर भी अच्छा जल गया

शॉर्ट सर्किट से उड़ीं चिंगारियाँ
सद्र में इक फूल-वाला जल गया

आग बरसी थी बदी के शहर पर
इक हमारा भी शनासा जल गया

मैं तो शोलों में नहाया था 'फ़रोग़'
दूर से लोगों ने समझा जल गया