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काम दुनिया में बहुत करना है | शाही शायरी
kaam duniya mein bahut karna hai

ग़ज़ल

काम दुनिया में बहुत करना है

अज़ीज़ लखनवी

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काम दुनिया में बहुत करना है
क़ब्ल मरने के हमें मरना है

आइए नज़्अ' का हंगाम है अब
मशवरा आप से कुछ करना है

दिल ने ये कह के कहीं छोड़ा साथ
हम को कुछ काम यहाँ करना है

क़त्ल करने में तकल्लुफ़ न करो
आख़िर इक रोज़ हमें मरना है

तुम से इक रोज़ करेंगे तक़रीर
अपनी बातों में असर भरना है

तुम को दिखलाएँगे दिल की तस्वीर
जा-ब-जा रंग अभी भरना है

रोक लो गिर्या-ए-ख़ूनीं को 'अज़ीज़'
दिल का नासूर अभी भरना है