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बजा इरशाद फ़रमाया गया है | शाही शायरी
baja irshad farmaya gaya hai

ग़ज़ल

बजा इरशाद फ़रमाया गया है

जौन एलिया

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बजा इरशाद फ़रमाया गया है
कि मुझ को याद फ़रमाया गया है

इनायत की हैं ना-मुम्किन उमीदें
करम ईजाद फ़रमाया गया है

हैं अब हम और ज़द है हादसों की
हमें आज़ाद फ़रमाया गया है

ज़रा उस की पुर-अहवाली तो देखें
जिसे बरबाद फ़रमाया गया है

नसीम-ए-सब्ज़गी थे हम सो हम को
ग़ुबार-उफ़्ताद फ़रमाया गया है

मुबारक फाल-ए-नेक ऐ ख़ुसरव-ए-शहर
मुझे फ़रहाद फ़रमाया गया है

सनद बख़्शी है इश्क़-ए-बे-ग़रज़ की
बहुत ही शाद फ़रमाया गया है

सलीक़े को लब-ए-फ़रियाद तेरे
अदा की दाद फ़रमाया गया है

कहाँ हम और कहाँ हुस्न-ए-सर-ए-बाम
हमें बुनियाद फ़रमाया गया है