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अनवर मसूद शायरी | शाही शायरी

अनवर मसूद शेर

32 शेर

नर्सरी का दाख़िला भी सरसरी मत जानिए
आप के बच्चे को अफ़लातून होना चाहिए

अनवर मसूद




जाने किस रंग से रूठेगी तबीअत उस की
जाने किस ढंग से अब उस को मनाना होगा

अनवर मसूद




जो हँसना हँसाना होता है
रोने को छुपाना होता है

अनवर मसूद




जुदा होगी कसक दिल से न उस की
जुदा होते हुए अच्छा लगा था

अनवर मसूद




मैं अपने दुश्मनों का किस क़दर मम्नून हूँ 'अनवर'
कि उन के शर से क्या क्या ख़ैर के पहलू निकलते हैं

अनवर मसूद




मैं ने 'अनवर' इस लिए बाँधी कलाई पर घड़ी
वक़्त पूछेंगे कई मज़दूर भी रस्ते के बीच

अनवर मसूद




मस्जिद का ये माइक जो उठा लाए हो ऐ 'अनवर'
क्या जानिए किस वक़्त अज़ाँ देने लगेगा

अनवर मसूद




नज़दीक की ऐनक से उसे कैसे मैं ढूँडूँ
जो दूर की ऐनक है कहीं दूर पड़ी है

अनवर मसूद




उर्दू से हो क्यूँ बेज़ार इंग्लिश से क्यूँ इतना प्यार
छोड़ो भी ये रट्टा यार ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार

अनवर मसूद